* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं। त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:। पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि https://codyjxceg.blog2news.com/40002264/the-lekin-jab-shani-atyadhik-prabhavi-ho-jaata-hai-diaries